Jaadui Anguthi | जादुई अँगूठी

भोला को भी अपनी दादी की दादी की दादी की...

अगर कभी हमें जादुई अंगूठी मिल जाए तो मज़ा आ जाए, हम सभी कभी ना कभी ऐसा सोचते हैंI भोला को भी अपनी दादी की दादी की दादी की जादुई अंगूठी मिल जाती हैI पर ऐसा क्या होता है कि वह माचिस की डिबिया जैसे नन्हे घरों में रहने वाले बौनों के देश में बंदी बना लिया जाता हैI
उसकी तलाश में उसका दोस्त ‘मुरब्बा’ उसे ढूँढने निकलता हैI रास्ते में उड़ने वाली मछली,बोलने वाली नटखट नाव, गोलमटोल राजा “कद्दू” और मज़ाकिया बंदर भी मज़ेदार शरारतें करते हुए मुरब्बा की सहायता करते हैंI ये कहानी बताती है कि दोस्ती अनमोल होती है और सच्चा दोस्त हर मुसीबत में हमारा साथ देता है!

Publish Date

2024-08-20

Published Year

2024

Total Pages

40

ISBN 10

8197322686

ISBN 13

978-8197322686

Format

Paperback/ Staple Bound

Country

India

Language

Hindi

Weight

100gm

Submit Your Review You are not allowed to submit a review. Please Log In

Fullfilling Every Author's Dream

Submit Your Manuscript

Kitabe Zara Hatke!
Since 2018

Get in Touch

Made With ❤ By Webiversals

Scroll to Top